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THE HEALTH RIGHTS PROJECT

यदि भ्रूण में असामान्यताएं हों तो क्या होगा?

भारत के Medical Termination of Pregnancy Act (MTP Act) के तहत यदि भ्रूण (fetus) में असामान्यताएं (abnormalities) पाई जाती हैं, तो गर्भपात (abortion) की अनुमति दी जा सकती है।

मुख्य प्रावधान:

  1. गंभीर असामान्यता होने पर अनुमति
    अगर डॉक्टरों को लगता है कि भ्रूण में ऐसी गंभीर शारीरिक या मानसिक असामान्यता है जिससे बच्चा जन्म के बाद गंभीर रूप से विकलांग होगा, तो गर्भपात की अनुमति दी जाती है।
  2. गर्भावधि (gestation period) के अनुसार नियम
    • 20 हफ्तों तक: एक पंजीकृत डॉक्टर की राय से गर्भपात किया जा सकता है।
    • 20 से 24 हफ्तों के बीच: दो पंजीकृत डॉक्टरों की राय जरूरी होती है (कुछ विशेष श्रेणियों की महिलाओं के लिए)।
    • 24 हफ्तों के बाद: अगर भ्रूण में गंभीर असामान्यता हो, तो राज्य-स्तरीय मेडिकल बोर्ड की अनुमति से गर्भपात संभव है।
  3. मेडिकल बोर्ड की भूमिका
    24 हफ्तों के बाद गर्भपात के लिए एक विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड यह तय करता है कि भ्रूण की असामान्यता कितनी गंभीर है और गर्भपात उचित है या नहीं।

निष्कर्ष:

अगर भ्रूण में गंभीर असामान्यता पाई जाती है, तो MTP Act के तहत कानून गर्भपात की अनुमति देता है, बशर्ते कि निर्धारित चिकित्सा और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।

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